HomeRaigarh Newsअग्र समाज की ऐतिहासिक जीत:सेठ किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक का गौरवशाली नाम पुनः बहालवर्षों...

अग्र समाज की ऐतिहासिक जीत:सेठ किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक का गौरवशाली नाम पुनः बहालवर्षों के सतत प्रयास रंग लाए,शासन ने जारी किया नाम पुनर्स्थापना का आदेश

spot_img

रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के अग्र समाज के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा। वर्षों से चली आ रही मांग पर मुहर लगाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने रायगढ़ स्थित पॉलिटेक्निक संस्थान का नाम पुनः”सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायगढ़” करने का आदेश जारी कर दिया है। शासन के इस निर्णय का पूरे प्रदेश के अग्र समाज ने हर्ष के साथ स्वागत किया है।दानवीर सेठ किरोड़ीमल जी केवल अग्र समाज ही नहीं,बल्कि पूरे रायगढ़ की पहचान रहे हैं। शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए इस संस्थान का नाम उनके सम्मान में रखा गया था। बाद में नाम परिवर्तित किए जाने से समाज में गहरी पीड़ा और असंतोष था। इसके बाद अग्र समाज ने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से वर्षों तक इस गौरवपूर्ण नाम की पुनर्स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए।अंततः समाज की एकजुटता,जनभावनाओं और शासन-प्रशासन के सकारात्मक सहयोग से यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हो सका। समाज का कहना है कि यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं,बल्कि रायगढ़ के महान दानवीर के प्रति सच्चा सम्मान और उनके अमूल्य योगदान का पुनः स्मरण है।अग्र समाज ने इस निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ शासन,संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा इस विषय को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेष रूप से प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी के प्रयासों की भी समाज ने सराहना की है।
समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि “जब तक रायगढ़ का इतिहास लिखा जाएगा,तब तक दानवीर सेठ किरोड़ीमल जी का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।” उनके द्वारा शिक्षा और समाजहित में किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।अग्र समाज ने इसे केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं,बल्कि सामाजिक सम्मान, ऐतिहासिक न्याय और जनभावनाओं की विजय बताया है। शासन द्वारा जारी यह आदेश दानवीर सेठ किरोड़ीमल जी को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है।राष्ट्र के विकास में अग्रवाल समाज का बड़ा योगदान*अग्र समाज का योगदान केवल व्यापार और उद्योग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि राष्ट्र निर्माण,शिक्षा, समाजसेवा,रोजगार सृजन और जनकल्याण के प्रत्येक क्षेत्र में समाज ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसे कभी झुठलाया नहीं जा सकता। देशहित और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अग्र समाज ने सदैव विकास,सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य किया है। यही कारण है कि देश की आर्थिक उन्नति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के विकास में अग्र समाज का योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा। समाज के महापुरुषों और दानवीरों द्वारा स्थापित आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं और भविष्य में भी राष्ट्र निर्माण की इस गौरवशाली परंपरा को अग्र समाज पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाता रहेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Our Visitor

0 0 4 2 8 6
Users Today : 16
Total Users : 4286
Views Today : 18
Views Yesterday : 115
Views Last 7 days : 343
Views Last 30 days : 1868
Views This Month : 1238
Views This Year : 5589
Total views : 5590

Most Popular

Recent Comments