
रायगढ़ भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी 19 अप्रैल, रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर ब्राह्मण सेवा समिति द्वारा शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, पूर्व अध्यक्ष विजय वीरभान शर्मा एवं मारवाड़ी ब्राह्मण महिला अध्यक्षा मीरा शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता कमल शर्मा ने सर्व ब्राह्मण समाज से अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता कमल शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवतार आवेशावतार माना जाता है। उनका जन्म माता रेणुका और ऋषि जमदग्नि के घर हुआ था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,उन्होंने अधर्म और अहंकार के विनाश के लिए क्षत्रियों का 21 बार संहार किया था।इस वर्ष परशुराम जयंती को लेकर ब्राह्मण समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बच्चों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 19 अप्रैल को शाम 5 बजे हंडी चौक स्थित परशुराम मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ होगी, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे।समाज के लोग इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने में जुटे हुए हैं। आयोजकों ने सभी से कार्यक्रमों और शोभायात्रा में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया है।भगवान शिव से प्राप्त हुआ दिव्य परशु कमल शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम, भगवान शिव के परम भक्त थे। उन्होंने कठोर तपस्या कर भोलेनाथ को प्रसन्न किया था। प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपना दिव्य अस्त्र “परशु”(फरसा) प्रदान किया, जिसके कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। वे अस्त्र-शस्त्र विद्या में अत्यंत निपुण माने जाते हैं।



