

रायगढ़ छत्तीसगढ़। एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) की तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर प्लांट को निरंतर कोयला आपूर्ति कर रही है,जो अपने कुल विद्युत उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत बिजली राज्य को उपलब्ध कराता है। इस प्रकार तलईपल्ली परियोजना अप्रत्यक्ष रूप से छत्तीसगढ़ के लाखों घरों को रोशन करने में योगदान दे रही है।देश के विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराकर तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना राष्ट्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एनटीपीसी लारा के अलावा एनटीपीसी टांडा, मौदा, सोलापुर, फरक्का,सीमाद्री, बोंगाईगांव सहित अनेक पावर प्लांट्स को ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए यह परियोजना देशभर में निर्बाध विद्युत उत्पादन में सहायक बन रही है। इससे न केवल उद्योगों को गति मिल रही है,बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ने से जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति के माध्यम से तलईपल्ली परियोजना देश की आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे के विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में सशक्त योगदान दे रही है।उल्लेखनीय है कि तलईपल्ली परियोजना ने हाल ही में उत्पादन और प्रेषण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। परियोजना ने पिछले वित्तीय वर्ष में 11.56 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कोयला उत्पादन तथा 11.17 एमएमटी कोयला डिस्पैच का लक्ष्य प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि परियोजना की कार्यकुशलता और टीम के समर्पण को दर्शाती है।सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में भी एनएमएल तलईपल्ली अग्रणी है। परियोजना द्वारा अब तक आसपास के क्षेत्रों के विकास हेतु 59 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए जा चुके हैं,जिसमें शिक्षा,स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी कई पहलें शामिल हैं। सामाजिक विकास के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परियोजना द्वारा हाल ही में 51 सिलाई मशीनों का वितरण किया गया है,जिससे स्थानीय महिलाओं को आजीविका के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा के क्षेत्र में भी परियोजना ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए नयारामपुर गांव में एक नए प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया है,जिससे विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए परियोजना द्वार पिछले वित्तीय वर्ष में 22 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है,जिनसे 880 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी परियोजना ने सराहनीय प्रयास करते हुए 47,000 से अधिक पौधारोपण कर क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ावा दिया है।तलईपल्ली कोयला परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन की रीढ़ बन रही है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



