
रायगढ़ छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओम प्रकाश चौधरी द्वारा जारी फेसबुक पोस्ट में “करियर सेंटर” खोलने की पहल को युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के जिला उपाध्यक्ष आर टी आई कार्यकर्ता और दृष्टिकोण संस्था के प्रमुख श्री प्रिंकल दास ने इस योजना कि कड़ी निंदा कि है श्री दास ने कहा पहली नजर में यह योजना आकर्षक लगती है,लेकिन गहराई से देखने पर कई सवाल खड़े होते हैं।इसी मुद्दे पर उनका कहना है कि यह पहल युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल“भ्रम फैलाने” का माध्यम बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ़ करियर गाइडेंस का दिखावा कर रही है, जबकि प्रदेश में असली जरूरत रोजगार के ठोस अवसर पैदा करने की है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल करियर सेंटर खोल देने से बेरोजगारी की समस्या हल हो जाएगी? प्रदेश में पहले से ही बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है। ऐसे में सिर्फ “मार्गदर्शन”देना,बिना ठोस रोजगार सृजन के,युवाओं को गुमराह करने जैसा लगता है। पोस्ट में रोजगार मेले और प्लेसमेंट कैंप की बात तो की गई है,लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी स्थायी और अच्छी सैलरी वाली नौकरियां वास्तव में उपलब्ध होंगी।प्रिंकल दास ने आगे कहा कि इस तरह की योजनाएं पहले भी कई बार घोषित की गई हैं,लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका असर बहुत कम दिखाई देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन सेंटरों के माध्यम से निजी निवेश और उद्योगों को जोड़ने में सक्षम होगी, या यह सिर्फ़ एक प्रचार अभियान बनकर रह जाएगा।श्री दास ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के असली मुद्दों-जैसे रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने—से ध्यान हटाकर इस तरह की घोषणाओं के जरिए अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है।अंततःयह पहल तभी सार्थक मानी जाएगी जब:-इन सेंटरों से वास्तविक और स्थायी नौकरियां मिलें-निजी कंपनियों की भागीदारी मजबूत हो-और युवाओं को केवल जानकारी नहीं, बल्कि रोजगार का स्पष्ट रास्ता मिले वरना,जैसा कि श्री प्रिंकल दास का कहना है, कि यह योजना भी केवल कागज़ी घोषणा बनकर रह जाएगी और युवाओं को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।



