
रायगढ़ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने मंगलवार को प्रदेश का सालाना बजट विधानसभा में पेश किया।वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बजट भाषण के बाद विपक्ष ने इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार के पौने दो लाख करोड के बजट को जन अपेक्षाओं के विपरीत बताया। कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने कहा कि इस बार का बजट बेशक सबसे बड़ा है,लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वर्ष 2025-26 के बजट का शत-प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं किया जा सका है।हरेराम तिवारी ने कहा कि अकुशल वित्तीय प्रबंधन और बढ़ती बेरोजगारी दर के कारण छत्तीसगढ़ को देश की टॉप अर्थव्यवस्थाओं में जगह ना मिलना निराशाजनक है।पीसीसी प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी धारणा नहीं बदलने के प्रयास किए हैं.ये बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है।हरेराम तिवारी ने कहा कि पिछले वर्ष के बजट का जमीनी क्रियान्वयनों का सही डाटा देकर बजट भाषण की परंपरा को वाकई में ठोस व विश्वसनीय बनाया जाता तो यह उचित होता।जबकि वर्तमान बजट भी अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला ज्यादा प्रतीत होता है जिससे एक बार फिर लोगों को अपने ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है।हरेराम तिवारी ने कहा कि हर अप्रैल माह में पिछले बजट का लगभग 30 प्रतिशत सरेंडर कर दिया जाता है। इस लिहाज से जो भी बजट पेश होता है उसमें 30 प्रतिशत कम करके आंकना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मनरेगा को खत्म करने की एक सुनियोजित साजिश हो रही है जैसे पिछले बजट के मुकाबले इस वर्ष लगभग 6 करोड़ 21 लाख कम मानव दिवस सृजित किए गए।उन्होंने कहा कि बजट भाषण में जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कालेजों का जामा पहना दिया गया है। रायगढ़ मेडिकल कालेज समेत कुछ अन्य मेडिकल कालेज अधूरी व्यवस्था के साथ संचालित हो रहे हैं,वहीं नये मेडिकल कालेज खोलने की कागजी घोषणा जमीन पर कैसे उतरेगी,यह देखना शेष है।तिवारी ने कहा कि पहले न्याय फिर गति और अब संकल्प,ये तीनों विजन जन अपेक्षाओं पर विशेषकर मध्यम वर्ग को जिस प्रकार की राहत की अपेक्षा थी,वह उन्हें इस बजट में भी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आई।हरेराम तिवारी ने कहा कि बजट भाषण में प्रदूषण नियंत्रण , रोजगार,स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की नीति अस्पष्ट रही है।आंबा कार्यकर्ताओं से लेकर रसोईए, डाक्टर,शिक्षक और तमाम कर्मचारी सरकार का वादा पूरा करने की मांग लेकर सड़क पर हैं जिनको इस बजट से बड़ी उम्मीद थी।भ्रष्टाचार कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। नौकरशाही निरंकुश हो गई है। अधिकारी निर्दोष लोगों की मारपीट कर जान ले रहे हैं। रायगढ़ के केआईटी कालेज को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है।शराब बेंचने के लिए हर संभव प्रयास के बाद नशामुक्ति केन्द्र हेतु 20 करोड़ का प्रावधान जन भावनाओं का उपहास है।स्कूल-कालेज में शिक्षण व्यवस्था से ज्यादा इनफ्राडेवलपमेंट पर बजट केन्द्रित रहा है।हरेराम तिवारी ने कहा कि इस बजट ने भाजपा सरकार की नीतियों, दावों और आर्थिक आंकड़ों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इधर हथेली गरम,उधर पुलिस नर्म,जिससे प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं।जबकि रूलऑफलॉ ही रियल ग्रोथ की गारंटी है। कांग्रेस ने सरकार के बजट को आत्मकेन्द्रित बजट बताया है,जिसका आम जनता को हर बार की तरह कोई खास लाभ नहीं होने वाला,अलबत्ता ठेकेदारों और कॉर्पोरेट घरानों का उत्थान तय है।




