HomeRaigarh Newsआधी रात को जन्मोत्सव के बादगूंजा,हाथी,घोड़ा,पालकी जय कन्हैया लाल की,माखन, मिश्री,पंजरी सहित...

आधी रात को जन्मोत्सव के बादगूंजा,हाथी,घोड़ा,पालकी जय कन्हैया लाल की,माखन, मिश्री,पंजरी सहित 56 भोग लगाया गया भगवान को,भक्तों में बांटा गया प्रसादजेपीएल सावित्रीनगर काॅलोनी में मनाया गया भगवान श्रीकृश्ण का जन्मोत्सव

spot_img

रायगढ़ सावित्रीनगर काॅलोनी में रास रासेष्वर भगवान श्रीकृश्ण का जन्मोत्सव हर्शोल्लास के साथ मनाया गयाश्रीबालाजी मंदिर परिसर में जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंडितों ने रात ठीक 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ भगवान के अवतरण की कामना की। मंदिर परिसर में अंधेरा हुआ, षंख,बीजघंट बजे तो माहौल बदल गया और भक्तों ने मान लिया कि भगवान का अवतार हो गया। मंदिर परिसर हाथी, घोड़ा, पालकी,जय कन्हैया लाल की और आला रे आला ,कन्हैया आला के स्वर लहरियों से गूंज उठा। भगवान को पालने में झूलाने के लिए भक्तों की लाइन लग गई।भगवान श्रीकृश्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिए जिंदल पाॅवर द्वारा विषेश व्यवस्था की गई थी। सावित्रीनगर काॅलोनी के श्रीबालाजी मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को भगवान श्रीकृश्ण के स्वागत के लिए गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था। मंदिर में जन्मोत्सव के लिए झूला बनाया गया था। जिसमें भगवान श्रीकृश्ण की मूर्ति स्थाापित की गई थी। रात 12 बजे से पहले ही ईडी व एचओपी श्री जी वेंकटरेड्डी ने पूजा अर्चना की। मंदिर के सामने भजन संध्या का आयोजन किया गया था। जिसमें आषु प्रिंस परफार्मिंग आर्ट्स ग्रुप द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। भगवान श्रीकृश्ण की विभिन्न लीलाओं को भजन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विवेक ताम्रकार और चिंक्की ने भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। जन्मोत्सव कार्यक्रम में ईडी एवं एचओपी श्री जी वेंकट रेड्डी,श्री ऋशिकेष षर्मा, श्री नीरज चैबे,श्री आरपी पांडेय,श्री अजय कंछल, श्री सुदीप सिन्हा सहित प्लांट के अधिकारी व कर्मचारी व उनके परिजन उपस्थित थे।पंचोपचार पूजा के बाद लगा 56 भोगभगवान के जन्म के बाद भगवान के बाल रूप की पंचोपचार पूजा ईडी व एचओपी श्री जी वेंकटरेड्डी द्वारा की गई। भगवान को पंचामृत से स्नान कराया गया और बाल भोग सहित 56 भोग लगाए गए। भगवान को माखन, मिश्री सहित पंजरी का विषेश प्रसाद भी लगाया गया। इसके बाद भक्तों ने भगवान को पालना में झूलाकर आनंद की अनुभूति प्राप्त की। रात 12 बजे से ही प्रसाद वितरण प्रारंभ हो गया था जो दूसरे दिन 5 सितंबर के दोपहर 12 बजे तक चला।फूलों की होली और डांडिया में झूमे लोग भगवान के जन्म से पहले श्रीकृश्ण के भजनों की प्रस्तुति भजन ग्रुप द्वारा दी गई। इसके बाद राधा,कृश्ण के साथ उपस्थित लोगों ने फूलों की होली खेली। डांडिया का भी आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी षामिल हुईं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Our Visitor

0 0 3 6 6 2
Users Today : 77
Total Users : 3662
Views Today : 95
Views Yesterday : 150
Views Last 7 days : 577
Views Last 30 days : 2067
Views This Month : 471
Views This Year : 4822
Total views : 4823

Most Popular

Recent Comments