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22 शर्तों के साथ डिज्नीलैंड मेले को अनुमति,यातायात से लेकर सुरक्षा तक आयोजक की जिम्मेदारी,पहले यातायात और सुरक्षा को लेकर अटका था मामला,नगर निगम की सहमति के बाद एसडीएम ने दी हरी झंडी

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रायगढ़ सावन और जन्माष्टमी के अवसर पर रायगढ़ में प्रस्तावित ‘फन वर्ल्ड डिज्नीलैंड मेला’ आखिरकार प्रशासनिक अनुमति के साथ आयोजन की राह पर आ गया है। हालांकि अनुमति बेदाग नहीं, बल्कि 22 कड़ी शर्तों और कई स्पष्ट जिम्मेदारियों के साथ दी गई है
अनुविभागीय दंडाधिकारी रायगढ़ द्वारा जारी अनुमति पत्र में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा,स्वच्छता, ध्वनि प्रदूषण,अवैध गतिविधियों और मेले के संचालन को लेकर आयोजक की जवाबदेही स्पष्ट की गई है।अनुमति पत्र के अनुसार मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी आयोजक शेख तम्मना हुसैन की ओर से रायगढ़ के संजय बस स्टैंड/ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के सामने स्थित ग्राम ननसिया,तहसील एवं जिला रायगढ़ की खसरा नंबर 321/1 की करीब 250×300 वर्गफुट भूमि पर मेला लगाने के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन में आयोजन की अवधि 1 अगस्त से 25 सितंबर 2026 तक बताई गई है। मामले में नगर पालिक निगम रायगढ़ से भी अभिमत लिया गया। निगम आयुक्त द्वारा 10 अगस्त को दिए गए अभिमत तथा 13 अगस्त को पुनर्विचार के लिए भेजे गए पत्र के बाद एसडीएम कार्यालय ने विभिन्न शर्तों के अधीन आयोजन की अनुमति प्रदान की है।सड़क पर भीड़ हुई तो आयोजक जिम्मेदार*
अनुमति पत्र की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में यातायात व्यवस्था को रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आयोजन के दौरान यातायात किसी भी प्रकार बाधित नहीं होना चाहिए। वाहनों के आवागमन और पार्किंग के लिए समुचित व्यवस्था आयोजक को स्वयं करनी होगी।प्रशासन ने आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग को भी संवेदनशील माना है। पत्र में उल्लेख है कि प्रस्तावित स्थल पर पहुंचने का मार्ग चर्च रोड और गांधारी पुलिया से होकर जाता है,जहां यातायात काफी सक्रिय रहता है। वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना अथवा भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजक पर डाली गई है।

रात 10 बजे बाद बंद होंगे माइक-डीजे

मेलेमेंमाइक,लाउडस्पीकर,डीजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को निर्धारित डेसिबल सीमा तथा सुप्रीम कोर्ट एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुरूप रखने की शर्त लगाई गई है। रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मेले के दौरान परिसर के अंदर और बाहर अनाधिकृत बैनर, पोस्टर और पाम्पलेट लगाने पर भी रोक रहेगी।अश्लील प्रदर्शनऔरअवैधगतिविधियों पर रोकप्रशासन ने फन वर्ल्ड फेयर के दौरान अश्लील,आपत्तिजनक अथवा उत्तेजक विज्ञापन या प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया है। इसी तरह आयोजन के दौरान ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जा सकेगी जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो अथवा यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो।मेले को सार्वजनिक कार्यक्रम मानते हुए हार-जीत आधारित इनामी कार्यक्रमों पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों तथा कोविड-19 से संबंधित निर्धारित गाइडलाइन का पालन करने की शर्त भी अनुमति में शामिल है।बारिस में जलभराव और गंदगी पर भी नजरसावन के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने मेले में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया है। अनुमति पत्र में कहा गया है कि बारिश के दौरान मेला परिसर में जलभराव की स्थिति बन सकती है,इसलिए सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। कपड़ा आदि फेंकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था तथा जलभराव और गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए आवश्यक इंतजाम करने होंगे।आयोजन समाप्त होने के बाद परिसर से सभी कचरा और अपशिष्ट तत्काल हटाकर नियमानुसार निपटाने की पूरी जिम्मेदारी भी आयोजक की होगी।
फायर फेयर में झूलों की सुरक्षा पर भी निगरानी

अनुमति में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन को भी आयोजक की जिम्मेदारी बनाया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था आयोजन स्थल पर स्वयं सुनिश्चित करनी होगी।अनुमति पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फन वर्ल्ड फेयर में किसी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि अथवा अश्लील उत्तेजक विज्ञापन/प्रदर्शन नहीं होगा। मेला संचालन के दौरान सरकारी निर्देशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सकेगी।शराब दुकान के आसपास अवैध ठेले-चखना सेंटरों पर कार्रवाईअनुमति की शर्तों में एक दिलचस्प प्रावधान सरकारी शराब दुकान के आसपास की गतिविधियों को लेकर भी है। फन वर्ल्ड फेयर के समीप स्थित शासकीय मदिरा दुकान के आसपास यदि अवैध ठेले या चखना सेंटर पाए जाते हैं तो नगर पालिका निगम और सहायक आबकारी अधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।मेला शाम 4 से रात 10 बजे तकअनुमति पत्र के अनुसार सामान्य दिनों में आयोजन का समय शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान आयोजन का समय दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक रखा गया है।आयोजन अवधि के दौरान पार्किंग व्यवस्था के लिए मेला प्रबंधन को अतिरिक्त ले-आउट उपलब्ध कराना होगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखने के लिए निर्धारित संख्या में वालेंटियर तैनात किए जाएंगे।पहले आपत्ति,अब शर्तों के साथ अनुमतिगौरतलब है कि रायगढ़ में प्रस्तावित जन्माष्टमी मेले को लेकर पहले यातायात, सुरक्षा और आयोजन स्थल को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आपत्तियां सामने आई थीं। स्थानीय रिपोर्टों में भी प्रस्तावित स्थल पर यातायात एवं सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण अनुमति को लेकर असमंजस की स्थिति की जानकारी सामने आई थी।अब एसडीएम कार्यालय से जारी अनुमति पत्र यह स्पष्ट करता है कि आयोजन को अनुमति तो मिली है, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े जोखिमों की जिम्मेदारी सीधे आयोजक के कंधों पर डाल दी है। यानी मेले में भीड़ उमड़ती है, सड़क पर जाम लगता है, पार्किंग बिगड़ती है या किसी तरह की अव्यवस्था पैदा होती है तो आयोजक के लिए प्रशासन की यह अनुमति कई मायनों में जवाबदेही का दस्तावेज भी साबित हो सकती है।अब देखने वाली बात यह होगी कि कागज पर दर्ज 22 शर्तें मेला परिसर और सड़कों पर कितनी सख्ती से लागू होती हैं।

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