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रायगढ़ में हरित क्रांति की ओर बड़ा कदम,‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत लाखों पौधों का होगा रोपण,उद्योगों को 8,950 पीपल के पौधे लगाने की जिम्मेदारी

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कलेक्टर ने की अभियान की समीक्षा,जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

रायगढ़ व धरमजयगढ़ वनमंडलों में 3.43 लाख से अधिक पौधों का रोपण, उद्योगों और कंपनियों की होगी सतत मॉनिटरिंग

रायगढ़ जिले में सक्रिय मानसून के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राज्य शासन की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। अभियान को प्रभावी और परिणाममुखी बनाने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए कलेक्टर ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं,बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन होनी चाहिए। उन्होंने अभियान में जनप्रतिनिधियों,ग्राम पंचायतों, किसानों,महिला स्व-सहायता समूहों,युवाओं, विद्यालयों,सामाजिक संस्थाओं तथा जागरूक नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक रोपा गया पौधा आने वाले वर्षों में जिले की हरित पहचान बने बैठक में वन मंडलाधिकारी ने बताया किजिले के रायगढ़ वनमंडल एवं धरमजयगढ़ वनमंडल द्वारा वर्षा ऋतु 2026 के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर अभियान को गति दी जा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के वृक्षारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।रायगढ़ वनमंडल के अंतर्गत रायगढ़,खरसिया, घरघोड़ा एवं तमनार परिक्षेत्र के कुल 27 स्थलों में लगभग 448.49 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 लाख 43 हजार 212 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह कार्य राज्य कैम्पा मद के अंतर्गत संपादित होगा। वृक्षारोपण के लिए वन विभाग की हाईटेक रोपणियों में सागौन,जामुन,बेल, अर्जुन,आँवला,नीम सहित स्थानीय जलवायु के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तायुक्त पौधे तैयार किए गए हैं।अभियान के अंतर्गत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण,सेफ्टी जोन ब्लॉक वृक्षारोपण, ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बौनी प्रजातियों का रोपण तथा वन्यप्राणी एवं पक्षी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष वृक्षारोपण भी किया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर रोपण प्रभारी एवं सहायक प्रभारी नियुक्त किए गए हैं,जो पौधों की सुरक्षा,देखभाल एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे।वन विभाग द्वारा संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के माध्यम से निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष वनमंडल के 44 कृषकों द्वारा लगभग 83.11 एकड़ भूमि पर साधारण सागौन, बांस एवं क्लोनल नीलगिरी के 50 हजार 118 पौधे लगाए जाएंगे। इससे किसानों को भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।इसी कड़ी में कलेक्टर ने जिले में स्थापित सभी बड़े उद्योगों एवं कंपनियों को भी पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम से जोड़ते हुए उनके परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पीपल के पौधों का वृहद स्तर पर रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी जिला पर्यावरण विभाग को सौंपी गई है। विभाग द्वारा पौधों के वितरण से लेकर उनके रोपण एवं संरक्षण तक की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले की विभिन्न शासकीय उद्यान रोपणियों में पीपल के पौधे तैयार कर उद्योगों एवं कंपनियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासकीय उद्यान रोपणी बोईरदादर से 3,200, घरघोड़ा स्थित संजय निकुंज उद्यान रोपणी से 1,250, कंजारा (लैलूंगा) रोपणी से 3,700 तथा धरमजयगढ़ रोपणी से 800 पौधों का वितरण किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में कुल 8 हजार 950 पीपल के पौधे उद्योगों एवं कंपनियों द्वारा लगाए जाएंगे।इस अभियान में जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ एवं सार्वजनिक उपक्रम सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएंगे। इनमें जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड,जिंदल पावर लिमिटेड,जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी,अडानी पावर, एमएसपी स्टील एंड पावर,नलवा स्टील एंड पावर,शाकंभरी स्टील्स,एनआर इस्पात एंड पावर,सिंघल एनर्जी,सालासार स्टील एंड पावर, अंजनी स्टील्स, रायगढ़ इस्पात एंड पावर,स्केनिया स्टील एंड पावर्स,अंबुजा सीमेंट्स,सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स,हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी एसईसीएल सहित जिले की अनेक औद्योगिक एवं खनन इकाइयाँ शामिल हैं, जिन्हें संबंधित उद्यान रोपणियों से पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं होनी चाहिए,बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण, नियमित देखभाल और जीवित रहने की दर की भी लगातार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया कि अभियान को जनसहभागिता से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण का स्थायी जनआंदोलन बनाया जाए।वनमंडलाधिकारी ने जिले के नागरिकों,किसानोंजनप्रतिनिधियों,शैक्षणिक संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे ‘एक पेड़ माँ के नाम’अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें,अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उन्हें संरक्षित कर हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

रायगढ़ में हरित क्रांति की ओर बड़ा कदम,‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत लाखों पौधों का होगा रोपण,उद्योगों को 8,950 पीपल के पौधे लगाने की जिम्मेदारीकलेक्टर ने की अभियान की समीक्षा,जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयामरायगढ़ व धरमजयगढ़ वनमंडलों में 3.43 लाख से अधिक पौधों का रोपण, उद्योगों और कंपनियों की होगी सतत मॉनिटरिंग

रायगढ़ जिले में सक्रिय मानसून के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राज्य शासन की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। अभियान को प्रभावी और परिणाममुखी बनाने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए कलेक्टर ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं,बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन होनी चाहिए। उन्होंने अभियान में जनप्रतिनिधियों,ग्राम पंचायतों, किसानों,महिला स्व-सहायता समूहों,युवाओं, विद्यालयों,सामाजिक संस्थाओं तथा जागरूक नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक रोपा गया पौधा आने वाले वर्षों में जिले की हरित पहचान बने बैठक में वन मंडलाधिकारी ने बताया किजिले के रायगढ़ वनमंडल एवं धरमजयगढ़ वनमंडल द्वारा वर्षा ऋतु 2026 के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर अभियान को गति दी जा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के वृक्षारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।रायगढ़ वनमंडल के अंतर्गत रायगढ़,खरसिया, घरघोड़ा एवं तमनार परिक्षेत्र के कुल 27 स्थलों में लगभग 448.49 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 लाख 43 हजार 212 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह कार्य राज्य कैम्पा मद के अंतर्गत संपादित होगा। वृक्षारोपण के लिए वन विभाग की हाईटेक रोपणियों में सागौन,जामुन,बेल, अर्जुन,आँवला,नीम सहित स्थानीय जलवायु के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तायुक्त पौधे तैयार किए गए हैं।अभियान के अंतर्गत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण,सेफ्टी जोन ब्लॉक वृक्षारोपण, ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बौनी प्रजातियों का रोपण तथा वन्यप्राणी एवं पक्षी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष वृक्षारोपण भी किया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर रोपण प्रभारी एवं सहायक प्रभारी नियुक्त किए गए हैं,जो पौधों की सुरक्षा,देखभाल एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे।वन विभाग द्वारा संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के माध्यम से निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष वनमंडल के 44 कृषकों द्वारा लगभग 83.11 एकड़ भूमि पर साधारण सागौन, बांस एवं क्लोनल नीलगिरी के 50 हजार 118 पौधे लगाए जाएंगे। इससे किसानों को भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।इसी कड़ी में कलेक्टर ने जिले में स्थापित सभी बड़े उद्योगों एवं कंपनियों को भी पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम से जोड़ते हुए उनके परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पीपल के पौधों का वृहद स्तर पर रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी जिला पर्यावरण विभाग को सौंपी गई है। विभाग द्वारा पौधों के वितरण से लेकर उनके रोपण एवं संरक्षण तक की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले की विभिन्न शासकीय उद्यान रोपणियों में पीपल के पौधे तैयार कर उद्योगों एवं कंपनियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासकीय उद्यान रोपणी बोईरदादर से 3,200, घरघोड़ा स्थित संजय निकुंज उद्यान रोपणी से 1,250, कंजारा (लैलूंगा) रोपणी से 3,700 तथा धरमजयगढ़ रोपणी से 800 पौधों का वितरण किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में कुल 8 हजार 950 पीपल के पौधे उद्योगों एवं कंपनियों द्वारा लगाए जाएंगे।इस अभियान में जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ एवं सार्वजनिक उपक्रम सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएंगे। इनमें जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड,जिंदल पावर लिमिटेड,जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी,अडानी पावर, एमएसपी स्टील एंड पावर,नलवा स्टील एंड पावर,शाकंभरी स्टील्स,एनआर इस्पात एंड पावर,सिंघल एनर्जी,सालासार स्टील एंड पावर, अंजनी स्टील्स, रायगढ़ इस्पात एंड पावर,स्केनिया स्टील एंड पावर्स,अंबुजा सीमेंट्स,सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स,हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी एसईसीएल सहित जिले की अनेक औद्योगिक एवं खनन इकाइयाँ शामिल हैं, जिन्हें संबंधित उद्यान रोपणियों से पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं होनी चाहिए,बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण, नियमित देखभाल और जीवित रहने की दर की भी लगातार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया कि अभियान को जनसहभागिता से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण का स्थायी जनआंदोलन बनाया जाए।वनमंडलाधिकारी ने जिले के नागरिकों,किसानोंजनप्रतिनिधियों,शैक्षणिक संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे ‘एक पेड़ माँ के नाम’अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें,अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उन्हें संरक्षित कर हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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