कोड़ातराई/रायगढ़ ग्रामीण अंचल में कला,संस्कृति एवं शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को कोड़ातराई में सौरभ श्याम संगीत सृजन केंद्र,रायगढ़ की नवीन शाखा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत कोड़ातराई के सरपंच मृत्युंजय सिंह ठाकुर उपस्थित थे वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में एसएमडीसी अध्यक्ष विजय शंकर चौधरी,दीपक कुमार देवांगन उपेंद्र कुमार भोय सेवानिवृत बैंक अधिकारी बाबूलाल चौधरी प्रधानपाठक अरुण चौधरी, ग्राम पंचायत के पंचगण सहित प्रतिष्ठित नागरिक एवं संगीत प्रेमियों की भी गरिमामय उपस्थिति रही ।
संगीत केन्द्र का शुभारंभ कार्यक्रम विद्या कला व संगीत की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ की गई तत्पश्चात संस्था संचालकों की ओर से अतिथियों का पुष्पाहार से स्वागत किया गया । शुभारंभ समारोह में सौरभ श्याम संगीत सृजन केंद्र के प्रशिक्षार्थियों ने अपनी मधुर गायन प्रस्तुतियों से गुरु वंदना, सरस्वती वंदना तथा भक्ति गीत की प्रस्तुति से उपस्थित अतिथियों एवं श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रशिक्षार्थी राजन्या दास, खुशी यादव, सुषमा सतपथी, आकृति धनकर, टिया नायक, अभिजय मेनन एवं अभिश्री मेनन ने अपनी सांगीतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सुरमय बना दिया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए व्याख्याता एवं मानस प्रवक्ता भोजराम पटेल ने संगीत प्रशिक्षण केन्द्र की जरूरत एवं कोड़ातराई सहित आसपास के संगीत सधिकों के लिए इसकी उपयोगिता बताते हुए इसके संचालन में सबके सहयोग की आवश्यकता बतायी ।उन्होंने ग्रामीण अंचल में संगीत शिक्षा के विस्तार के इस पहल की सराहना करते हुए इसे कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
संगीत केंद्र की संचालिका श्रीमती हेमकांति उग्रसेन पटेल ने बताया कि इस शाखा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं युवाओं को सुगमतापूर्वक संगीत की शिक्षा उपलब्ध कराना है। अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी शहरों से दूरी और आवागमन संबंधी कठिनाइयों के कारण शास्त्रीय संगीत की विधिवत् शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे में गांव में ही संगीत शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने, कला के क्षेत्र में करियर बनाने तथा भविष्य में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत है, जिसका संरक्षण एवं संवर्धन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में संगीत गुरु श्री उग्रसेन पटेल एवं सहायक गुरु कुबेरचरण चौहान ने शास्त्रीय गायन एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों का संगीत निर्देशन किया। उनकी सांगीतिक कला एवं मार्गदर्शन से विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में विशेष आकर्षण देखने को मिला।
सौरभ श्याम संगीत सृजन केंद्र की कोड़ातराई शाखा का शुभारंभ ग्रामीण प्रतिभाओं को संगीत की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही संगीत सीखने का अवसर मिलेगा तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत,गायन एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।
कोड़ातराई में सौरभ श्याम संगीत सृजन केंद्र की शाखा का शुभारंभग्रामीण प्रतिभाओं को अब गांव में ही मिलेगी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा
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