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आश्रम एवं छात्रावासों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण पर दें विशेष ध्यान-कलेक्टरआदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

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रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आश्रम एवं छात्रावासों में निवासरत बच्चे अपने बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित वातावरण, पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी आज जिला कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आश्रम-छात्रावासों के सुव्यवस्थित संचालन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित निरीक्षण के निर्देशकलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावासों के संचालन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता तथा नियमित निरीक्षण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल, सुरक्षा गार्ड की तैनाती और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मिल सके।पोषण वाटिका में उगाएं हरी सब्जियां, नियमित हो स्वास्थ्य परीक्षणबच्चों के बेहतर पोषण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावासों में पोषण वाटिका विकसित करने तथा मुनगा सहित विभिन्न हरी सब्जियों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने को कहा।बच्चों की बौद्धिक क्षमता और नवाचार को दें बढ़ावा*कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आश्रम एवं छात्रावासों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया,जिससे बच्चों की प्रतिभा निखरे और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।छात्रवृत्ति, प्रवेश और शैक्षणिक सुविधाओं की भी हुई समीक्षाबैठक में छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति वितरण, जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रवेश की स्थिति, प्रयास विद्यालय में पुस्तक व्यवस्था तथा एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवश्यक सामग्री और गणवेश वितरण सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री श्रीकांत दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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