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स्वच्छता पखवाड़ाःकाॅलोनी को स्वच्छ बनाए रखने अधिकारियों ने किया वाॅकथान,लगाई झाड़ूजीईटी ने नुक्कड़ नाटक से दिया पानी बचाने,कचरा न फेलाने व पाॅलिथीन का उपयोग न करने का संदेष

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रायगढ़ स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत गांधी जयंती के अवसर पर जिंदल पाॅवर के सावित्री नगर काॅलोनी में स्वच्छता अभियान चलाया गया। काॅलोनी के लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक करने के उद्देष्य से सीईओ माइंस व प्रेसीडेंट श्री ओमप्रकाष के नेतृत्व में काॅलोनी में वाॅकथान का आयोजन किया गया। अधिकारी व कर्मचारियों ने पूरी काॅलोनी में पैदल चलकर लोगों से काॅलोनी को स्वच्छ बनाए रखने व पाॅलिथीन का उपयोग न करन तथा कचरा नहीं फेलाने का आग्रह किया। सभी ने काॅलोनी में झाड़ू लगाकर लोगों को परिसर को साफ बनाए रखने का संदेष दिया।इन दिनों पूरे देष भर में स्वच्छता पखवाड़ा चल रहा है। गांधी जयंती के अवसर जिंदल पाॅवर तमनार के सावित्री नगर काॅलोनी में ईएमडी विभाग द्वारा स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करने कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की षुरूआत सुबह 6 बजे को आॅपरेटिव परिसर के सामने हुई। सबसे पहले जीईटी द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से यह बताया गया कि स्वच्छता किसी एक की नहीं बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीईओ व प्रेसीडेंट माइंस श्री ओमप्रकाष ने कहा कि सफाई और पाॅलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूकता की कमी अभी भी बनी हुई है, इसीलिए हर साल स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन करना पड़ रहा है। श्री ओमप्रकाष ने कहा कि पाॅलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए दुकानदारों को सर्कुलर जारी किया गया था, लेकिन काॅलोनी के लोग सामान लेने के लिए बिना झोला लिए ही दुकान जाने लगे, पाॅलिथीन नहीं होने पर सामान नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि पाॅलिथीन का उपयोग तो करना ही नहीं चाहिए,क्योंकि आखिर उसे आना कचरे में ही है। एवीपी श्री विजय जैन,श्री संजीव पाराश्री ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एवीपी ईएमडी हेड श्री सुरेष चंद्र पाॅल,जीएम एचआर हेड श्री सुधीर राय, जीएम माइंस, मैनेजर गारे पेलमा 4/1 श्री सुधीर चैधरी, एजीएम सीएसआर श्री राजेष रावत सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।पुराने कपड़ों की रिसाइकिलिंग कर झोला बनाते थे सीईओ श्री ओमप्रकाष ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि पहले घर के बड़ों के लिए कपड़ा आता था, तो बाद में उसे छोटे भाई-बहन भी पहन लेते थे। इसके बाद भी उस कपड़े की रिसाइकिलिंग कर उसका उपयोग झोला आदि बनाने में किया जाता था। यूरिया की बोरी से भी झोला बनता था, लेकिन वर्तमान में कोई इस प्रकार के झोलों का उपयोग नहीं करता है। श्री ओमप्रकाष ने कहा कि आधुनिकता के माइंड सेट को बदलना पड़ेगा। पढ़े लिखे तो हैं,लेकिन जागरूक नहीं है। उन्होंने पानी की उपयोगिता पर भी प्रकाष डालते हुए कहा कि पानी का कम उपयोग किया जाना चाहिए।नुक्कड़ नाटक से संदेष उपयोग हम कर रहे तो जिम्मेदारी भी हमारी
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जीईटी ने यह संदेष दिया कि जब पानी का उपयोग हम कर रहे हैं तो नल को बंद करने की जिम्मेदारी भी हमारी है। यह भी बताया कि कुछ लोग प्लास्टिक का उपयोग करके बाहर फेंक देते हैं कि कचरा उठाने वाले आकर उठाएंगे, जबकि खुद की जिम्मेदारी है कि किसी भी प्रकार का कचरा निष्चित डस्टबिन में ही डालें।

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