सरिया श्री श्री राधा माधव आश्रम विश्वासपुर में हरिनाम भिक्षुक गुरु श्री नरसिंह दास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित तीन दिवसीय भव्य राधारानी प्राकट्योत्सव (राधाष्टमी) का समापन भक्तिमय एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। समापन अवसर पर मृदंग पूजन (खोल पूजा),ध्वजारोहण, दधिभांड उत्सव,महाप्रसाद वितरण एवं भक्तों की विदाई सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह के अंतिम दिवस कीर्तन मंडलियों द्वारा मृदंग एवं करताल की मधुर धुन के बीच 108 मृदंगों (खोल) का विधि-विधान से पूजन किया गया। हरिनाम संकीर्तन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। मृदंग और करताल की गूंज से संपूर्ण आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक विजय अग्रवाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, कैलाश नायक एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने सहभागिता की।राधारानी एवं श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथिपूर्व विधायक विजय अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा रास-रासेश्वरी श्री राधारानी जी एवं योग-योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जी के श्रीचरणों में माथा टेककर पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल, चंदन एवं सिंदूर से 108 मृदंगों का पूजन एवं आरती की गई।
वाद्ययंत्र प्रभु को प्रसन्न करने का सुलभ साधन:विजय अग्रवाल विशाल श्रद्धालु सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान की आराधना एवं उन्हें प्रसन्न करने में वाद्ययंत्रों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में अनेक ऐसे उदाहरण मिलते हैं, जहां भक्तों ने निष्काम भाव से मृदंग,करताल एवं संगीत के माध्यम से प्रभु का संकीर्तन किया। नारद जी की वीणा और भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी की तरह मृदंग की ध्वनि भी वातावरण को भक्तिमय बनाने के साथ मन के विकारों को दूर कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम बनती है।भक्ति संकीर्तन से क्षेत्र में आती है सुख-समृद्धि:संजय भूषण पांडेविशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने कहा कि राधारानी का प्राकट्योत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता,एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। जब क्षेत्र में हरिनाम संकीर्तन और मृदंग की ध्वनि गूंजती है तो सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने आश्रम समिति एवं श्रद्धालुओं को इस भव्य और अनुशासित आयोजन के लिए बधाई दी।धर्म और संस्कृति समाज की अमूल्य धरोहर:अनुपम पाल विशिष्ट अतिथि सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। राधारानी प्राकट्योत्सव जैसे आयोजन हमारी आध्यात्मिक चेतना को जागृत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा एवं धार्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।108 मृदंग वादकों का किया गया सम्मानकार्यक्रम के दौरान आश्रम एवं मंदिर समिति की ओर से भक्ति संगीत की साधना में सहभागी सभी मृदंग वादकों का गंगाजल से पूजन किया गया। इसके पश्चात उन्हें अंगवस्त्र, श्रीफल एवं दक्षिणा भेंट कर भावभीना सम्मान प्रदान किया गया।दधिभांड उत्सव एवं महाप्रसाद के साथ हुआ समापन राधारानी प्राकट्योत्सव के अंतिम दिवस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम परिसर पहुंचे। कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष रघुनाथ पटेल,ग्राम विश्वनाथपाली सरिया राधाकृष्ण मंदिर में खोल उत्सव में खोल ( मृदंग ) की पूजा अर्चना किए । इस अवसर पर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय,सांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा प्रदेश संयोजक अनुपम पाल, राधाकांत पाणिग्रही,चूड़ामणि पटेल,पूर्व जिला पंचायत सदस्य कैलाश नायक,टीकाराम,पूर्व सरपंच ग्राम दर्रामुड़ा किशोर गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारी, सेवादार, कीर्तन मंडलियों के सदस्य एवं अंचल के बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। अंत में दधिभांड उत्सव एवं महाप्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात सभी भक्तों की ससम्मान विदाई के साथ तीन दिवसीय राधारानी प्राकट्योत्सव का समापन हुआ।
राधा माधव आश्रम विश्वासपुर में राधारानी प्राकट्योत्सव संपन्नपूर्व विधायक विजय अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में 108 मृदंगों का विधि-विधान से हुआ पूजन
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