रायगढ़ होटल ट्रिनिटी, कोतरा रोड में आयोजित भव्य धार्मिक आयोजन ‘नानी बाई रो मायरो’ में बुधवार को भात का अत्यंत भावपूर्ण और अद्भुत प्रसंग हुआ। भात के प्रसंग के दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन प्रसंग के साक्षी बनने पहुंचे और देखते ही देखते होटल ट्रिनिटी का पूरा परिसर श्रद्धालुओं से भर गया।भात के प्रसंग में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपनी बहनों को प्रेम और स्नेह के प्रतीक स्वरूप चूनरी उड़ाई तथा भात भरा। इस दौरान भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनात्मक झलक देखने को मिली। धार्मिक वातावरण के बीच जब भात की रस्में संपन्न हुईं तो पूरा पंडाल जयकारों और भक्ति भाव से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस अनुपम प्रसंग का भरपूर आनंद लिया और भाव-विभोर होकर भगवान के भजनों एवं कथा का रसपान किया।वृंदावन से पधारीं सुप्रसिद्ध कथा वाचिका राधा किशोरी जी ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण वाणी से नानी बाई रो मायरो की कथा का वर्णन किया। उनकी सरल, मधुर और भक्तिमय शैली ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के प्रसंगों के साथ पूरा वातावरण ऐसा भक्तिमय हो गया कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा में डूबे नजर आए।नानी बाई रो मायरो केवल एक धार्मिक कथा नहीं,बल्कि भाई-बहन के प्रेम,रिश्तों की आत्मीयता और भगवान के प्रति अटूट विश्वास की भावपूर्ण कथा है। इसी भावना को आज के भात प्रसंग में श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं सहित हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति रही।होटल ट्रिनिटी में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। पूरा कार्यक्रम स्थल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और हर ओर धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।कल होगा ‘नानी बाई रो मायरो’ का अंतिम एवं विशेष आयोजन*नानी बाई रो मायरो’ का कल गुरुवार अंतिम दिन है। अंतिम दिन मायरा जन्माष्टमी उत्सव का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जन्माष्टमी के पावन अवसर को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। आयोजन समिति की ओर से सभी धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार एवं इष्ट-मित्रों के साथ अधिक से अधिक संख्या में होटल ट्रिनिटी,कोतरा रोड पहुंचकर इस भव्य धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें।आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन केवल कथा श्रवण का अवसर नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भक्ति, संस्कार एवं आपसी प्रेम से जोड़ने का माध्यम है। कल मायरा जन्माष्टमी उत्सव के साथ आयोजन का समापन होगा,इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन अवसर का लाभ लेने की अपील की गई है।प
‘नानी बाई रो मायरो’ में भात के प्रसंग ने बांधा श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग मेंबहन को उड़ाई गई चुनरी,श्रद्धालुओं ने भरा भात;राधा किशोरी जी की मधुर वाणी से मंत्रमुग्ध हुआ पूरा पंडाल
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