रायगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर परियोजना की शुरूआत की गई है। इसके तहत जिले में 01 लाख 13 हजार 607 घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। जिले के उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल को लेकर पहले जैसी असमंजस की स्थिति नहीं रहती, क्योंकि बिजली खपत से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। बिजली का उपयोग भी सोच-समझकर करते है। जिससे बिजली खपत पर नियंत्रण हो रहा है। वहीं ऑनलाइन बिल भुगतान से समय की बचत हो रही है और रियल टाइम जानकारी से पारदर्शिता बढ़ी है।
मोर बिजली ऐप से हर पल की जानकारी
रायगढ़ निवासी रिकेश कुमार सोनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पूरी तरह पारदर्शी हो गया है। अब मीटर रीडिंग के लिए किसी के आने का इंतजार नहीं करना पड़ता। मोर बिजली ऐप के माध्यम से प्रतिदिन यह देखा जा सकता है कि कितनी बिजली खर्च हुई, अनुमानित बिल कितना बनेगा और भुगतान कब करना है। इससे बिल संबंधी परेशानियां लगभग समाप्त हो गई हैं।
बिजली खपत पर रखना हुआ आसान नियंत्रण
उपभोक्ता मोहन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने खुद आगे बढ़कर बिजली विभाग से संपर्क किया और अपने घर में स्मार्ट मीटर लगवाया। स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब वे अपनी बिजली खपत पर लगातार नजर रख पाते हैं। ऐप के माध्यम से वर्तमान महीने की खपत की तुलना पिछले महीने और पिछले वर्ष से भी की जा सकती है। इससे अनावश्यक बिजली खर्च की पहचान कर उसे कम करना आसान हो गया है। वहीं ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा से समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
रियल टाइम रीडिंग से खत्म हुई अनुमानित बिल की समस्या
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अबतक 113705 स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है साथ ही विद्युत उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर को एक साथ लगाकर (चेक मीटर) बिजली खपत का तुलनात्मक परीक्षण किया गया। जांच में दोनों मीटरों की रीडिंग समान पाई गई तथा किसी भी प्रकार की अतिरिक्त बिजली खपत या अधिक बिल आने की शिकायत सही नहीं पाई गई। स्मार्ट मीटर की रियल टाइम रीडिंग के कारण अनुमानित बिल या रीडिंग में त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। मोर बिजली ऐप पर उपभोक्ता हर 30 मिनट की बिजली खपत की जानकारी देख सकते हैं। इससे बिजली बचाने की आदत विकसित हो रही है और उपभोक्ता अपनी खपत को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर पा रहे हैं।
हाफ बिजली योजना का लाभ बनाए रखने में भी मददगार
अधिकारियों ने बताया कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को हाफ बिजली योजना का लाभ तभी मिलता है, जब उनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक रहती है। स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप के माध्यम से उपभोक्ता समय रहते अपनी खपत पर नजर रख सकते हैं, जिससे योजना का लाभ बनाए रखना भी आसान हो जाता है। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप का अधिकतम उपयोग करने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ लेकर बिजली खर्च में और अधिक बचत करने की अपील भी की है।


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