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प्रियदर्शी बाबा राम के संकल्प से प्रज्ज्वलित ज्ञान के दीप से मिटा अज्ञानता का अंधकारबनोरा का अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर: 9 एकड़ में ज्ञान और संस्कार का संगम, गांव-गांव से आते हैं 915 बच्चे”बनोरा में अब अंग्रेजी माध्यम की उड़ान: 2000 बच्चों की क्षमता वाला नया विद्यालय भवन,जून 2025 से शुरू हुआ निर्माण

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रायगढ़ शहर के पूर्वांचल में10 किमी दूर ग्राम बनोरा में महान संत बाबा प्रियदर्शी राम जी के संकल्प शक्ति से ज्ञान का एक ऐसा दीप जला जो तीन दशकों से अज्ञानता का अंधकार मिटा रहा है। उस दौर में इलाके में अज्ञानता और रूढ़िवादी परंपराएं जड़ें जमाए बैठी थीं। बाबा जी ने कहा राष्ट्र निर्माण करना है तो पहले अंधकार मिटाना होगा,और शिक्षा के जरिए अंधकार मिटेगा।आश्रम की स्थापना के बाद सन 1996 में अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर स्कूल प्रारम्भ किया गया। तीन दशकों में अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर ज्ञान,संस्कार, अनुशासन,उत्कृष्टता की अनुपम मिशाल बना। एक संत के पावन संकल्प से हुआ बीजारोपण आज वट वृक्ष बन गया। उसी सोच के साथ 1996 में एक छोटी प्राथमिक शाला शुरू हुई। आज वही शाला बनकर तैयार है नर्सरी से 10वीं तक का पूर्ण विद्यालय, जहां 915 बच्चे अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। यहां अध्ययन रत बच्चों का उद्देश्य सिर्फ अंक लाना नहीं बल्कि शिक्षा के जरिए उन्हें ज्ञानवान, संस्कारी, आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना प्रथम लक्ष्य हैं। 9 एकड़ में फैले स्वच्छ और हरित परिसर में बच्चों को 31 अनुभवी शिक्षक पढ़ाते है। सुविधाओं के मामले में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय जैसे सुविधाएं उपलब्ध है। इसके अलावा खेल मैदान, संगीत कक्ष के साथ साथ स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था है।पूरा परिसर में CCTV कैमरे लगे हुए है। बनोरा, खैरपाली, बेलरिया, लोइंग, भोजपाली, सल्हेओना, जामगांव, छुहिपाली समेत 20 से ज्यादा गांवों से 4 बसे स्कूली बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का कार्य करती है। अंचल का यह स्कूल कमाई का कमाई का जरिया नहीं बल्कि न्यूनतम शुल्क के जरिए शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराना है स्कूली छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है ताकि कोई बच्चा पैसों की वजह से पढ़ाई न छोड़े और स्वय को समाज से जुड़ा हुआ महसूस करे।स्कूल में नर्सरी से कक्षा 6 तक 654 और कक्षा 7 से 10 तक 257 बच्चे यहां हिंदी माध्यम में पढ़ते हैं। पढ़ाई के साथ साथ व्यक्तित्व विकास के लिए बहुतेरे प्रयास किए जाते है।
स्कूल का मिशन बच्चों का सर्वांगीण विकास है इसलिए यहां पढ़ाई के साथ खेल, कला,संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और डिजिटल शिक्षा पर भी बराबर जोर है। नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर बच्चों को जिंदगी के लिए तैयार किया जाता है।ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले साधन विहीन पालकों के लिए बच्चों को पढ़ाने के लिए शहर भेजने की बाध्यता खत्म हुई। बनोरा का यह स्कूल का केवल बच्चों का भविष्य संवार रहा है। बल्कि अनुशासन भी है और संस्कार का बीजारोपण भी कर रहा।आज अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर सिर्फ एक स्कूल नहीं है। यह उस संकल्प की पहचान है जो एक संत ने 90 के दशक में लिया था-अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर राष्ट्र निर्माण करना। शायद यही वजह है कि हर सुबह बनोरा की इस 9 एकड़ की जमीन पर सैकड़ों बच्चों की आवाज के साथ एक नई उम्मीद भी गूंजती है।हिंदी माध्यम में 915 बच्चों को संस्कार के साथ शिक्षा देने के बाद अब अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर, बनोरा ने एक नई उड़ान भरी है। गांव के बच्चों के सपनो को बड़ी उड़ान देंने के लिए पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी ने बदलते दौर में अंग्रेजी मीडियम की अनिवार्यता को संजीदगी से महसूस किया और यही से अंग्रेजी मीडियम स्कूल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। आज के दौर में डॉक्टर,इंजीनियर,कलेक्टर या अधिकारी बनने के लिए अंग्रेजी की समझ जरूरी है। इसी सोच के साथ पूज्य बाबा जी प्रियदर्शी राम जी ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल की नींव रखने का निर्णय लिया।अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना शैक्षणिक सत्र 2025-26 में की गई। जून 2025 में 9 एकड़ परिसर के भीतर नए भवन का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। सत्र 2026-27 में यहां नर्सरी से कक्षा 6 वीं तक की कक्षाएं संचालित होंगी। स्कूल की कुल क्षमता 2000 विद्यार्थियों की रखी गई है, ताकि आसपास के गांवों के और भी बच्चे लाभ ले सकें। अंग्रेजी मीडियम स्कूल में सारी आवश्यक सुविधाएं मौजूद होगी। नए स्कूल में आधुनिक शिक्षा के लिए हर सुविधा जुटाई गई है।स्मार्ट क्लास के साथ डिजिटल शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध होगी। कंप्यूटर लैब के साथ, विज्ञान प्रयोगशाला और समृद्ध पुस्तकालय होगा।खेल मैदान,स्कूल बस, CCTV युक्त सुरक्षित परिसर स्कूल मौजूद होगा। स्वच्छ पेयजल,बालक-बालिका के लिए अलग शौचालय की सुविधा हैं। अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति पारदर्शी चयन प्रक्रिया से की गई है.
पुज्य बाबा जी का मानना है कि लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि संस्कारी,सक्षम और आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करना हैं जो समाज और राष्ट्र की प्रगति में अपना सराहनीय योगदान दें सके। हिंदी माध्यम में ज्ञान, संस्कार,अनुशासन ,उत्कृष्टता के मूल मंत्र के साथ चल रहे इस विद्यालय ने अब अंग्रेजी माध्यम जोड़कर यह साबित कर दिया है कि गांव का बच्चा भी अगर चाहे तो दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चल सकता है। बनोरा का यह स्कूल आज इस बात का उदाहरण बन रहा है कि जब संकल्प बड़ा हो, तो शिक्षा की रोशनी गांव की गलियों तक जरूर पहुंचती है।भगवान राम विद्या मंदिर के गौरव.संस्कार से सफलता तक*अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को औपचारिक शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कार, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और जीवन में सफल होने की प्रेरणा देना भी रहा है।
पिछले तीन दशकों में हजारों विद्यार्थियों ने यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन की नई दिशा निर्धारित की है। आज अनेक पूर्व विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएँ दे रहे हैं तथा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ा रहे हैं। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और संस्कारयुक्त वातावरण किसी भी छात्र के जीवन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है। हमें गर्व है कि हमारे पूर्व छात्र आज प्रशासन,शिक्षा,स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग,व्यवसाय,रक्षा सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा अन्य विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। बनोरा में अध्यनरत पूर्व विद्यार्थियों ने सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय मिशाल पेश की है। उनकी सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की शिक्षा एवं संस्कार आधारित सेवा यात्रा की सार्थकता का भी प्रमाण है। यहां अध्ययन रत छात्रों में 2008 में मिथिलेश उप संचालक पंचायत कोरबा,2016 में धीरेन्द्र जीएडी आडीटर भारतीय लेखपाल एवं लेखा विभाग,2012 में अध्ययन रत पंकज जायसवाल उप निरीक्षक वाणिज्य कर विभाग छ.ग.शासन, 2005 में अध्ययन रत प्रदीप गुप्ता उप कोषालय अधिकारी,धरमजयगढ़,2008 में अध्ययन रत अन्नदा पंडा ,व्याख्याता (भौतिकी) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,महापल्ली,2005 में अध्ययन रत आशीष कुमार प्रधान टेक्निशियन ग्रेट 2 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, 2019 में अध्ययनरत सुनीता गुप्ता डेंटल सर्जन,चिकित्सा विभाग,2007 में अध्यनरत आलोक कुमार प्रधान असिस्टेंट मैनेजर जिंदल स्टील एन्ड पावर लिमिटेड, 2005 में अध्यनरत सुस्मिता पुजारी व्याख्याता (गणित) सेजेस,बरमकेला, 2008 में अध्यनरत सत्यपाल गुप्ता मैनेजर ( सी एन्ड आई) बी एस ग्रुप तराईमाल रायगढ़, 2012 में अध्यनरत अंकुश सुपकार सीनियर इंजिनियर, जी आर इंटीग्रेटेड प्राइवेट लिमिटेड में पदस्थ है । ये सभी कुशलता पूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे हैं ।

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