
जशपुर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों और नवीन खेती पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 का आयोजन 23 से 25 मार्च 2026 तक कृषि महाविद्यालय, कुनकुरी में किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन किसानों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में सामने आया है, जहां उन्हें आधुनिक कृषि के विविध आयामों से अवगत कराया जा रहा है। एक्सपो में कृषि सहित संबद्ध विभागों पशुपालन, मछलीपालन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा स्टाल लगाये गए है। साथ ही प्रदेश सहित अन्य राज्यों के कृषि उत्पाद एवं कृषि उपकरण विक्रेताओं ने भी स्टाल लगाकर किसानों को नवीन तकनीकों एवं मशीनों की जानकारी दे रहे है। कार्यक्रम में जिले सहित अन्य जिलों के कृषकगण भारी संख्या में आकर जानकारी ले रहे है। कार्यक्रम का शुभारम्भ आज पत्थलगांव विधानसभा की विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और उन्नत कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। सभी ने नाशपाती उत्पादन, पुष्प फसल, मसाले, आम, मिर्च की खेती की उन्नत विधियों के साथ-साथ वैज्ञानिक मछली पालन, रेशम उत्पादन, सामुदायिक बीज बैंक, बकरी पालन, जैविक कीट नियंत्रण और मृदा संरक्षण जैसे विषयों पर प्रदर्शित नवाचारों की जानकारी ली। कार्यक्रम में अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीडीसी श्रीमती अनिता सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण मौजूद रहे।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि जशपुर की भौगोलिक विविधता इसे कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में फलदार फसलों जैसे नाशपाती, लीची और चाय की अपार संभावनाएं हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में धान जैसी पारंपरिक फसलों का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो किसानों को क्षेत्र और मौसम के अनुसार फसल चयन, उन्नत तकनीक अपनाने, विपणन व्यवस्था को समझने और उत्पादन बढ़ाने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे रसायन मुक्त उत्पादन संभव होता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने महिलाओं से भी कृषि क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। इस अवसर पर श्री रामप्रताप सिंह एवं श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कृषि क्रांति एक्सपो को किसानों के लिए बेहत लाभदायक बताया।




