
रायगढ़ राज्य में होली के अवसर पर शराब की दुकानें खोलने का निर्णय पर विरोध जताते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि होली त्योहार पर शराब का विक्रय सर्व समाज के लिए हानिकारक हो सकता है। इस दिन लोग नशे में आपा खो देते हैं और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी नहीं चूकते। चूंकि नई आबकारी नीति के तहत पूर्व घोषित प्रत्येक वर्ष के 7 शुष्क दिवसों में से 3शुष्क दिवस हटाए गए हैं जिनमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि 30जनवरी हिन्दुओं के धार्मिक त्योहार रंगपर्व होली एवं मोहर्रम के अवसर पर मदिरा दुकान जो पहले बंद हुआ करती थी उन्हें खोले जाने की घोषणा छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने की है व इनको खोलने का विशेषाधिकार हर जिले के कलेक्टर को है अतएव शाखा यादव ने शासन एवं स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि वे समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार करें और शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लें। शाखा यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि होली के समय सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं होती हैं और इस घटनाओं का पीछे की मुख्य वजह भी अपराधियों में शराब का नशा ही होता है ,होली एक पवित्र व महत्वपूर्ण त्यौहार है लेकिन भाजपा सरकार राजस्व और पैसा कमाने के चक्कर में इस दिन भी मदिरा दुकानों को खुलवा रही है यह सरकारी प्रयास प्रदेश के माहौल को खराब करने और युवाओं को नशे की ओर झोंकने की कोशिश है।विदित हो कि होली के त्योहार पर पारंपरिक रूप से ठंडई का सेवन करना ही आम बात है, क्योंकि होली के दिन शराब की दुकानों पर ताला जड़ा रहता है. होली पर शराब दुकान खुलने से यह पहली बार होगा जब प्रदेश के शराब में खुले ठेके होली के दिन खुले मिलेंगे.जिसकी मुख्य वजह छत्तीसगढ़ आबकारी नीति में बदलाव है, जिसके चलते पूर्व घोषित ड्राई डे में 3 ड्राई डे की संख्या घटा दी गई है,इनमें होली का त्योहार प्रमुख है.शाखा यादव ने कहा कि हमारी शासन एवं माननीय कलेक्टर महोदय से अपील है कि शांतिपूर्ण रायगढ़ जिले में होली पर शराब दुकानों के खुलने पर हुड़दंग व अशांति का माहौल बनेगा रंग लगे होने की वजह से अपराधिक प्रवृति के लोग भी छेड़छाड़ करने से बाज नहीं आवेंगे और उनकी पहचान भी नहीं हो सकेगी और संभ्रांत परिवारों की बच्चियां व महिलाएं भी घर से बाहर निकल के होली नहीं खेल पाएंगी क्यों असभ्य लोग शराब में टून्न होकर गाली गलौज करने से नहीं हिचकेंगे अतएव होली पर हर हालत में मदिरा दुकानों में तालाबंदी की जानी अत्यावश्यक है सरकार को चाहिए कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने हेतु होली पर शराब का विक्रय पूर्णतः रुकवाया जाए।




