
रायगढ़ :- देश की महिला वित्त मंत्री सीता निर्मला द्वारा पेश किए बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए महिला मोर्चा अध्यक्ष मधुलता पटेल ने कहा इस बजट में महिलाओं के लिए रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण का समुचित ध्यान रखा गया है। महिलाओं के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सस्ता ऋण, जनधन खातों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना, और पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाना शामिल है,। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति और महिला सम्मान योजना जैसी पहल भी इस बजट का हिस्सा हैं। महिलाओं के लिए MSME के लिए 2 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन की गारंटी और शुल्क में कमी की गई। जनधन खातों को क्रेडिट कार्ड, बीमा और आसान लोन से जोड़ने की योजना, ताकि महिलाएं वित्तीय रूप से सक्रिय हो सकें।.पोषण और स्वास्थ्य हेतु सक्षम आंगनवाड़ी और POSHAN 2.0 जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण में सुधार किया गया।मिशन शक्ति (संबल और समर्थ्या) के तहत महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर, जिसमें वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन शामिल हैं।MGNREGS (मनरेगा) में महिलाओं के लिए हिस्सेदारी बढ़ी है और इसे 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में राज्य स्तरीययोजनाएँ के तहत दिल्ली में महिला समृद्धि योजना (₹2500/माह) और ओडिशा में सुभद्रा योजना (₹10,000/वर्ष) जैसी पहल का प्रावधान किया है। डिजिटल कौशल प्रशिक्षण और महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन जैसी क्षेत्रों में अधिक निवेश किया गया।
सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है, जिसमें वित्तीय समावेशन, उद्यमिता को बढ़ावा देना और सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है, लेकिन डिजिटल और परिवहन संबंधी चुनौतियों के समाधान की आवश्यकता है।मोदी के नेतृत्व में देश में महिला आरक्षण के जरिए महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की पहल की गई है। अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून की अनिवार्यता खत्म कर उन्हें खुली हवा में सांस लेने का अधिकार दिया गया.




