रायगढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान"वोट बचाओ-देश बचाओ" के तहत रायगढ़ के विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता को महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक श्री नाना पटोले जी ने संबोधित किया।इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व विधायक द्वय नोवल वर्मा एवं प्रकाश नायक, जिलाध्यक्ष द्वय नागेंद्र नेगी (ग्रामीण) व शाखा यादव (शहर),अनिल शुक्ला, सलीम नियरिया,जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना,महामंत्री दिपक मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे।प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नाना पटोले ने चुनावी अनियमितताओं और SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए तथा स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल मौजूदा SIR प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से नाम जोड़ने व हटाने, दोहरे पंजीकरण, EVM-VVPAT की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग के संस्थागत आचरण पर एक मौलिक सवाल है।प्रेस वार्ता में उठाए गए मुख्य बिंदु:तदाता संख्या में अचानक वृद्धि:प्रेस वार्ता में 7 फरवरी 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 2024 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बीच लगभग 39 लाख मतदाताओं की अचानक वृद्धि हुई, जिसके संबंध में पारदर्शी और मशीन-पठनीय आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की गई है।चुनावी धांधली व अनियमितताएं:बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र (7 अगस्त 2025) में जांच के दौरान दोहरा पंजीकरण, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग के कारण 1,00,250 वोट प्रभावित होने की बात सामने आई। इसके अलावा हरियाणा और आलंद (कर्नाटक) में भी संदिग्ध सॉफ़्टवेयर टूल के ज़रिए नाम हटाने के गंभीर मामले उजागर हुए हैं।चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेद:द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्तों द्वारा मतदाता सूचियों के डेटाबेस तक पहुँच और प्रयुक्त सॉफ़्टवेयर की विश्वसनीयता को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं,जिससे चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। नियुक्ति प्रक्रिया एवं कानूनी संरक्षण पर आपत्ति:2023 के नए कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और धारा 16 के तहत अधिकारियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि इससे संस्था की स्वायत्तता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है।कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें:मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग।मतदाता सूचियों से गलत तरीके से हटाए गए 13.3 करोड़ नामों की तत्काल बहाली। चुनाव आयोग को सत्ताधारी दल के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र,निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए ताकि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास पुनः कायम हो सके।आगामी आंदोलन की रूपरेखा: ब्लॉक व जिलास्तरपरजन-आंदोलन:AICC के निर्देशानुसार ब्लक एवं जिला स्तर पर मार्च,रैलियाँ,चौपालें और "वोट रक्षक"के माध्यम से बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन:दिल्ली में संसद व सड़कों पर प्रदर्शन और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के पश्चात, 25 नवंबर को रामलीला मैदान में विशाल राष्ट्रीय रैली ("दिल्ली चलो") का आयोजन किया जाएगा।विश्राम गृह में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में नेताओं ने स्थानीय स्तर पर प्राप्त साक्ष्यों को सार्वजनिक करते हुए नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार की रक्षा के लिए निरंतर जन-जागृति अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।