रायगढ़ छत्तीसगढ़ शासन के मंशानुरूप "सेवा संकल्प अभियान"के तहत जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय (15 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक) विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आज गरिमापूर्ण समापन हो गया। इस तीन दिवसीय शिविर में बंदियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए योग के विभिन्न आसनों व प्राणायाम का अभ्यास किया।शिविर में मुख्य योग प्रशिक्षक श्री राजेश कन्नौजिया और महिला योग प्रशिक्षक और श्रीमती सत्या उपाध्याय एवं श्रीमती चुलेश्वरी साव द्वारा बंदियों को विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने इन तीन दिनों में अत्यंत सरल और सुगम तरीके से बंदियों को योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नियमित योग के माध्यम से क्रोध,मानसिक तनाव और शारीरिक व्याधियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला बंदियों के लिए सुश्री सत्या उपाध्याय ने विशेष सत्र लिए,जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उपयोगी योगासन सिखाए गए।इस प्रशिक्षण शिविर में बंदियों की ओर से अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। शिविर में कुल 431 पुरुष बंदी तथा 49 महिला बंदिनियों सहित कुल 480 बंदी सम्मिलित हुए। सभी ने अनुशासित रहकर प्रतिदिन सुबह योग सत्रों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।शिविर के समापन के अवसर पर जेल अधीक्षक श्री जी.एस.शोरी ने सभी बंदियों को इस सफल भागीदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है,बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने बंदियों को प्रेरित किया कि वे जेल के भीतर और भविष्य में रिहा होने के बाद भी अपने दैनिक जीवन में योग को अनिवार्य रूप से अपनाएं, ताकि वे एक स्वस्थ और सकारात्मक विचार के साथ समाज में लौट सकें।कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक श्री जी.एस.शोरी द्वारा योग प्रशिक्षक श्री राजेश कन्नौजिया और श्रीमती सत्या उपाध्याय एवं श्रीमती चुलेश्वरी साव के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और सेवा भाव की सराहना की गई। जेल प्रशासन की ओर से आभार और सम्मान प्रकट करते हुए तीनो योग प्रशिक्षकों को पुष्प तथा श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।