रायगढ़ हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गारे पेल्मा कोल माइंस IV/4 के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सहयोग तथा ‘आगाज़ – एक नई पहल संस्था’के साथ मिलकर ‘युवा संकल्प–II’ परियोजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ आज ग्राम बेलजोर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह सर के करकमलों से हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात ‘युवा संकल्प–II’ का औपचारिक लॉन्चिंग मुख्य अतिथि SSP श्री शशि मोहन सिंह सर, हिंडाल्को के HR हेड श्री प्रेम कुमार सिंह, ग्राम पंचायत बेलजोर की उपसरपंच श्रीमती बिमला सिदार एवं वरिष्ठ नागरिकों द्वारा प्लाक आर्ट का अनावरण कर किया गया।कार्यक्रम में ‘आगाज़ -एक नई पहल संस्था’ की अध्यक्ष सुश्री मोनिका इजारदार,श्री प्रकाश जायसवाल, श्री राजेंद्र साहू, श्री जय कुमार चौहान एवं श्रीमती टिकेश्वरी चौहान, श्रीमती किरण राठिया, श्रीमती लक्ष्मी चौहान सहित संस्था की टीम उपस्थित रही।*चार प्रमुख आयामों पर केंद्रित होगा ‘युवा संकल्प–IIयुवा संकल्प के द्वितीय चरण में नशामुक्ति अभियान को और व्यापक बनाते हुए महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं आजीविका सृजन को भी परियोजना से जोड़ा गया है।
इस चरण के अंतर्गत आसपास के गांवों में युवाओं, महिलाओं एवं बुजुर्गों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नशामुक्त एवं स्वस्थ सामाजिक वातावरण के निर्माण के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों एवं अवसरों के माध्यम से सशक्त बनाने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने तथा अजीविका के स्थायी साधन विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।परियोजना के माध्यम से स्कूल ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को भी मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को 10वीं एवं 12वीं की ओपन स्कूल परीक्षा के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए प्रोत्साहित एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा।इस संबंध में जानकारी देते हुए हिंडाल्को की CSR हेड श्रीमती रंजना नाग ने बताया कि युवा संकल्प–II का उद्देश्य केवल नशामुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, महिलाओं एवं समुदाय को शिक्षा,कौशल, रोजगार और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाकर एक आत्मनिर्भर एवं नशामुक्त समाज की दिशा में कार्य करना है।छत्तीसगढ़ की असली पहचान को वापस लाना है- SSP श्री शशि मोहन सिंह* कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, सभ्यता और यहां के सरल एवं सहज स्वभाव के लोगों से रही है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब नक्सलवाद और नशा जैसी चुनौतियां छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चिंता का विषय रही हैं। नक्सलवाद पर सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल की गई है, उसी प्रकार अब नशे के खिलाफ भी एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है।SSP श्री सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता हासिल की है, उसी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक सहभागिता के साथ अब नशे के खिलाफ भी अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि नशे को केवल पुलिस की समस्या न समझें, बल्कि इसे पूरे समाज की जिम्मेदारी मानकर इसके खिलाफ एकजुट हों। परिवार,गांव, स्कूल,युवा और महिला समूह—सभी मिलकर नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता,बल्कि इससे अपराध, घरेलू कलह, आर्थिक परेशानी, सामाजिक असुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं जैसी अनेक समस्याएं भी जन्म लेती हैं। नशे की वजह से युवा अपनी क्षमता और भविष्य से दूर हो जाते हैं तथा इसका सबसे अधिक प्रभाव परिवार की महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए SSP श्री सिंह ने बताया कि विगत एक वर्ष में जिले में लगभग साढ़े चार सौ लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है, जिनमें नशे की भूमिका एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह करते हुए कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ दूसरे निर्दोष लोगों के जीवन को भी खतरे में डालता है।उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कानून और पुलिस की कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए सामाजिक जागरूकता, परिवार की भूमिका और समुदाय की सामूहिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, अपने साथियों को भी इससे बचाएं और अपने गांव में सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दें।SSP श्री सिंह ने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाएं परिवार और समाज की मजबूत आधारशिला हैं। यदि महिलाएं नशे के खिलाफ जागरूक होकर संगठित होती हैं, तो इसका प्रभाव पूरे परिवार और गांव पर पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने तथा नशे से प्रभावित परिवारों को इस समस्या से बाहर निकालने में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने ग्राम बेलजोर के ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने गांव को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लें और इस अभियान में पूरी तरह सहभागी बनें। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने गांव की आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए आज से ही ठोस प्रयास शुरू करें।
SSP श्री सिंह ने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ को नशे की समस्या से मुक्त कर उसकी वास्तविक पहचान—समृद्ध संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और सरल-सहज जीवनशैली—को फिर से मजबूती के साथ सामने लाया जा सकता है।उन्होंने अंत में ग्रामीणों से आह्वान किया कि “नशे को गांव में जगह नहीं देंगे, युवाओं को नशे से दूर रखेंगे और अपने गांव को नशामुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।”बच्चों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से दिया नशामुक्ति एवं स्वच्छता का संदेश*
कार्यक्रम के दौरान ग्राम बेलजोर के बच्चों द्वारा नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित मनमोहक नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुति दी गई। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ में नशे से जुड़ी सामाजिक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।इसके साथ ही बच्चों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव के निर्माण का संदेश भी अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दिया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने खूब सराहा।
वहीं ग्राम कोडकेल के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।युवा संकल्प फेस–1 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मानकार्यक्रम के दौरान ‘युवा संकल्प फेस–1’ के अंतर्गत ग्राम कोडकेल में नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने में उत्कृष्ट एवं सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।इन महिलाओं ने जागरूकता अभियान, सामुदायिक सहभागिता एवं नशे के विरुद्ध सामाजिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए आगे भी इसी प्रकार सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।महिलाओं ने लिया बेलजोर को नशामुक्त बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने नशामुक्ति अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। महिलाओं ने SSP श्री शशि मोहन सिंह को आश्वस्त किया कि वे अपने गांव को 100 प्रतिशत नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी तथा युवाओं को नशे से दूर रखने और नशे से प्रभावित परिवारों को सहयोग देने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास करेंगी।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी युवा संकल्प–II को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता एवं सहयोग का आश्वासन दिया।
बेलजोर में ‘युवा संकल्प–II’ का शुभारंभ-नशामुक्ति के साथ महिला सशक्तिकरण,कौशल विकास एवं आजीविका सृजन पर रहेगा विशेष फोकस
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