रायगढ़ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 41वें चक्रधर समारोह के भव्य समापन समारोह में बुधवार को प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की दसवीं और अंतिम कड़ी का शुभारंभ किया। उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में कला और संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके संरक्षण और योगदान के कारण रायगढ़ घराने के कथक को देशभर में पहचान मिली। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भविष्य में और वैभवशाली बनाने के लिए सभी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भी समारोह में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित नहीं हो पाने पर खेद व्यक्त किया है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आने वाले पांच वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजू नगर में डेयरी,खर्रा घाट में ऑक्सीजोन गार्डन,गजमार पहाड़ और नगर वन के विकास,स्पोर्ट्स सुविधाओं के विस्तार,मरीन ड्राइव के विकास सहित कयाघाट पुल, केवड़ावाड़ी पुल,राजा महल के पास पुल और गोवर्धनपुर पुल जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण,रिंग रोड, स्पोर्ट्स फैसिलिटी,प्रयास विद्यालय,नवगुरु स्कूल, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी कॉलेज जैसे कार्य भी रायगढ़ के विकास को नई दिशा देंगे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की पहचान केवल विकास के लिए नहीं,बल्कि कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा के लिए भी है। उन्होंने घोषणा की कि इसी कार्यकाल में रायगढ़ में एक बेहतरीन कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में प्रावधान किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में कमला नेहरू पार्क की तरह ही अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीजन गार्डन विकसित करने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में खर्रा घाट में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में भव्य ऑक्सीजन गार्डन का भूमि पूजन किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से इस आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया।
कलाकारों का सम्मान, नारायणपुर के पुनर्वासित कलाकारों को 51 हजार की सम्मान राशि
समापन समारोह में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कलाकारों का सम्मान किया। उन्होंने कलाकार श्री आयुष नामदेव एवं उनके बैंड को सम्मानित किया गया। वहीं सुदूर बस्तर के नारायणपुर से आए पुनर्वासित कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्होंने उनके लिए 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। विशेष रूप से नक्सल संगठन में कमांडर रह चुकीं और अब पुनर्वास के बाद कला के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ीं चैती दीदी को उनकी विशिष्ट कला प्रस्तुति के लिए वित्त मंत्री ने शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
रायगढ़ के कंटेंट क्रिएटर्स को बड़ी सौगात, 2 करोड़ से बनेगा स्टूडियो
समापन समारोह में रायगढ़ के युवा कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी बड़ी सौगात की घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने बताया कि रायगढ़ में 2 करोड़ रुपये की लागत से स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं,कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे तथा वे अपनी रचनात्मक प्रतिभा को बेहतर मंच दे सकेंगे।
सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को बताया गौरवपूर्ण
सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि 14 सितंबर से लेकर आज तक देशभर से आए ख्याति प्राप्त कलाकारों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कला सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि राजा चक्रधर सिंह ने हमेशा कला और संस्कृति को संरक्षण प्रदान किया।
महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृतियों को आगे बढ़ा रहा समारोह: राज्यसभा सांसद
राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने कला एवं संस्कृति को संरक्षण देकर रायगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान प्रदान दी। चक्रधर समारोह उसी गौरवशाली परंपरा और कला विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि देशभर के कलाकारों की सहभागिता से यह समारोह लगातार नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।
चक्रधर समारोह कला, संस्कृति और गौरव की विशिष्ट पहचान: महापौर
महापौर श्री जीवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि चक्रधर समारोह में देशभर से आए कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। चक्रधर समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि रायगढ़ की कला, संस्कृति और गौरव की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कामना की कि रायगढ़ की धरती पर कला का यह उत्सव इसी तरह निरंतर चलता रहे और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक आगे बढ़ती रहे।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री गुरूपाल भल्ला,श्री श्रीकांत सोमावार,श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, श्री सत्यानंद राठिया,कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के सहित अन्य जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।


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