रायगढ़ तेरह साल पहले तकरीबन 2013 में रेलवे लाइन चोरी मामले में खरसिया-रायगढ़ के बीच विनोद मराठा गिरोह ने चोरी कर लिया था जमानत मिलने के बाद एक आरोपी जो की उड़ीसा का रहने वाला है फरार होकर पेशी में कोर्ट में पेश नहीं होता था आरोपी के विरुद्ध रेल्वे कोर्ट से एक स्थायी वारंटी जारी किया था फरार वारंटी की तलाश करने में संबलपुर में मिली पुख्ता सूचना पर दबिश देकर रायगढ़ और आरपीएफ चांपा की विशेष टीम ने गिरफ्तार करने में अहम कामयाबी हासिल करने में सफलता प्राप्त की हैं lआरपीएफ पोस्ट रायगढ़ प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार से मिले दिशा निर्देशन में तेरह साल पहले तकरीबन 2013 में रेलवे लाइन चोरी मामले में खरसिया-रायगढ़ के बीच विनोद मराठा गिरोह में शामिल आरोपी दुलाचंद महानदिया पिता पवित्र महानदिया (45 वर्ष) निवासी झेरकानी थाना भसमा जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) रेलवे लाइन का चोरी किया था, जिसकी सूचना पर रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट प्रभारी द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा 3 (ए) आरपी(यूपी) एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर बिलासपुर रेल्वे न्यायालय में पेश किया गया था,लेकिन जमानत मिलने के बाद उड़ीसा के सुंदरगढ़ निवासी आरोपी दुलाचंद महानदिया फरार हो गया था,बिलासपुर रेलवे न्यायालय द्वारा आरोपी को पेशी के लिए लगातार समन जारी किया जा रहा था,लेकिनआरोपी रेल्वे न्यायालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहा था, रेल्वे न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद आरपीएफ द्वारा मुखबीरी तंत्र को सक्रिय करके लगाया गया, मुखबिर की पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी दुलाचंद महानदिया अपने गृहग्राम में ही है। ऐसे में रायगढ़ व चांपा आरपीएफ की संयुक्त टीम सहायक उपनिरीक्षक एस आर अनंत, आरक्षक एन के महाना एवं आरक्षक आर- के- पाल की टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संबलपुर में आरपीएफ की विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी को 17 सितंबर को गिरफ्तार करने में अहम कामयाबी हासिल की और उसे आरपीएफ रायगढ़ पोस्ट लाया गया और अग्रिम कार्रवाई के लिए 18 सितंबर को रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल भेज भेजने के आदेश न्यायालय ने जारी कर दिया है। आरपीएफ़ ने बताया कि आरोपी दुलाचंद महानदिया विनोद मराठा गिरोह के साथ मिलकर लगातार रेलवे संपत्ति की चोरी कर रहा था, जिसमें रायगढ़-खरसिया के साथ चांपा और भाटापारा में भी 2013 में रेलवे लाइन चोरी किए थे,जिससे तीनों पोस्ट में इसके खिलाफ जुर्म दर्ज हुआ था,वहीं रेल्वे न्यायालय से जमानत मिलने माननीय रेल्वे न्यायालय बिलासपुर से आरोपी के विरुद्ध 6 बार समन जारी किया गया था इसके बावजूद आरोपी रेल्वे न्यायालय में पेशी में उपस्थित नहीं होता था रेल्वे न्यायालय से जारी स्थायी वारंटकी तामिली के लिए विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया l