रायगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में आज पुलिस कार्यालय में एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न प्रावधानों, कार्यवाही प्रक्रिया एवं कानूनी पहलुओं पर त्रुटिरहित विवेचना सुनिश्चित करने हेतु एक दिवसीय ऑनलाइन/ऑफलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डीएसपी/प्रभारी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स श्री सुशांतो बनर्जी, मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी सहित शहर के थाना प्रभारी एवं विवेचकगण उपस्थित रहे, जबकि अन्य राजपत्रित अधिकारी एवं एएसआई से निरीक्षक स्तर के विवेचक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत जप्ती,तलाशी, गिरफ्तारी,चेन ऑफ कस्टडी सहित विवेचना की बारीकियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने विवेचकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान अधिनियम की धाराओं एवं पूर्व मामलों के उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया,जिससे अधिकारियों को व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए पुराने प्रकरणों के आधार पर जटिल बिंदुओं को सरल तरीके से समझाया वर्चुअल सत्र में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव एवं थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा गत माह एनडीपीएस एक्ट के तहत जप्त अफीम प्रकरणों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान संबंधित कार्यवाही के फुटेज भी प्रदर्शित किए गए, जिससे विवेचकों को वास्तविक प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिली और कार्यशाला अधिक प्रभावी बन सके कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा कार्यशाला को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि एनडीपीएस मामलों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, इसलिए विवेचकों को प्रत्येक चरण की विधिक जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि आरोपी को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाना है। साथ ही भविष्य में पॉक्सो एक्ट एवं साइबर अपराध जैसे विषयों पर भी इसी प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की बात कही गकार्यक्रम के अंत में अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी को विशेष सहभागिता हेतु प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी द्वारा विभाग की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं एएसआई से निरीक्षक स्तर के विवेचक शामिल होकर लाभान्वित हुए।

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