रायगढ़ वशिष्ठ नारायण मिश्र यह केवल एक नाम नहीं बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढियों के लिए राजनीति की एक किताब है, एक स्वभाव है, एक संस्कृति है, एक सभ्यता है, नगर निगम एक्ट के पुरोधा है।
मैं बात कर रहा हूं भिलाई नगर निगम के पांच बार के निर्दलीय पार्षद श्री वशिष्ठ नारायण मिश्र की जिन्होंने न केवल अपने वार्ड की बल्कि नगर निगम के सदन से पूरे भिलाई के उद्धार की लड़ाई लड़ी। क्या पक्ष, क्या विपक्ष सभी उनके निस्वार्थ भाव और बेबाकी के दीवाने थे, वह कभी यह नहीं देखते थे कि उनके सामने बैठा व्यक्ति कौन है और कितना प्रभावशाली है। उनके मन में जो सच्चाई आती थी वह बड़ी ही बेबाकी से बोल देते थे और मुस्कुरा कर कहते भी थे कि यदि आपको अच्छी लगी तो ठीक है और यदि अच्छी नहीं लगी तो और भी अधिक ठीक है।
आज की अपेक्षाओं से भरी इस राजनीति की दुनिया में ऐसे भी विरले लोग मिल सकते हैं यह अकल्पनीय है।
पार्षद तो वह किसी एक वार्ड के हुआ करते थे किंतु भिलाई नगर निगम क्षेत्र के कोई भी पीड़ित उनके पास वाजिब मांग को लेकर पहुंच जाता था तो वह उन्हें खाली हाथ नहीं लौटाते थे, और यही कारण है कि उन्हें अपने चुनाव में कभी वोट मांगने की आवश्यकता ही ना पड़ी और लगातार या यूं कहे कई बार रिकार्ड मतों से विजय श्री को वरन किया।
उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं से कभी भी वोट नहीं मांगे चुनाव में वह घूमते जरूर थे लेकिन सभी से यही कहते की अपना वोट देने जरूर जाना, यह तुम्हारा अधिकार है। और वोट कभी प्रभाव से नहीं स्वभाव से देना।
शायद आपको याद हो की कई बार भिलाई में ग्रीन कॉरिडोर के नाम पर श्री वशिष्ठ नारायण मिश्र बहुत चर्चित हुए, क्योंकि उन्होंने सबसे अधिक बार ग्रीन कॉरिडोर कर कई लोगों की जान बचाई, किंतु कहते हैं ना कि जहां इस मृत्यु लोक में अच्छे लोगों की आवश्यकता है वहीं इससे भी अधिक आवश्यकता स्वर्ग लोक में भी जान पड़ती है, और विधि का विधान देखिए की परमपिता परमात्मा भिलाई नगर निगम के एक ऐसे निश्चल, निष्कपट, बेबाक योद्धा और आम लोगों की आवाज श्री वशिष्ठ नारायण मिश्र अपनी गंभीर बीमारी के कारण मात्र 56 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह कर स्वर्ग लोक में नेतृत्व करने चले गए।
उनके संबंध में तो लिखने को बहुत कुछ है लेकिन क्या कहें,,,,,,,,,
मेरी विनम्र श्रद्धांजलि भाई वशिष्ठ नारायण मिश्र जी को🙏 ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार के ऐसे लोग जिन्हें वह रोता बिलखता छोड़ गए, उन्हें दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
"ओम शांति"
विमल चौधरी
रायगढ़ छत्तीसगढ़