रॉबर्टसन/खरसिया। रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत रॉबर्टसन,चपले एवं बड़े डूमरपाली क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली आस्था,श्रद्धा एवं परंपरा की प्रतीक श्री श्री 1008 महाकाली पूजा एवं भव्य मेला का आयोजन इस वर्ष भी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। इस सन्दर्भ में मेला समिति के मीडिया प्रभारी रविशंकर पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की आगामी 8 नवंबर से आयोजित होने वाले इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।इसी कड़ी में श्री श्री 1008 महाकाली पूजा एवं भव्य मेला आयोजन समिति के पुरुषोत्तम पटेल,श्याम सुंदर पटेल ,दिनेश पटेल,किशन डनसेना,बृंद श्रीवास, हितराम राठिया सदस्यों ने छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी जी से सौजन्य भेंट-मुलाकात की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने उन्हें महाकाली पूजा एवं भव्य मेला में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया तथा आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी जी ने महाकाली पूजा एवं भव्य मेला में शामिल होने का आश्वासन दिया। उनके सकारात्मक आश्वासन से आयोजन समिति के सदस्यों में खुशी एवं उत्साह का माहौल है।उल्लेखनीय है कि रॉबर्टसन,चपले एवं बड़े डूमरपाली क्षेत्र में श्री श्री 1008 महाकाली पूजा का आयोजन वर्षों से धार्मिक परंपरा और जनआस्था के साथ किया जाता रहा है। इस आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। पूजा-अर्चना के साथ भव्य मेले का आयोजन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है,जहां धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिलती है।आयोजन समिति द्वारा इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा,पूजा-अर्चना एवं मेले को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। समिति ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से इस धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर माता महाकाली का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।श्री श्री 1008 महाकाली पूजा एवं भव्य मेला का यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक आस्था,सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा।