HomeRaigarh Newsसाइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस की रचनात्मक पहल,लघु फिल्म प्रतियोगिता...

साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस की रचनात्मक पहल,लघु फिल्म प्रतियोगिता का भव्य समापन एवं सम्मान समारोह सम्पन्नवित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा—“हमारे युवा साइबर जागरूक बनें, साइबर एम्बेसडर की भूमिका निभाएं और स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।”दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल ने AI आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना, कहा—तकनीक का उपयोग जनहित और सुरक्षा के लिए भी जरूरीसाइबर जागरूकता अभियान में सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा रायगढ़ पुलिस का अभियान

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रायगढ़ साइबर अपराधों के प्रति आमजन,विशेषकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित “लघु फिल्म प्रतियोगिता”का समापन एवं सम्मान समारोह आज 03 अक्टूबर को पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम,रायगढ़ में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ ही रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग की गई। कार्यक्रम ने साइबर सुरक्षा के संदेश को रचनात्मकता, सिनेमा और युवाओं की भागीदारी से जोड़ते हुए एक प्रभावी जनजागरूकता पहल का रूप लिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत चिन्हित 25 सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है, ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। युवाओं को रोचक एवं रचनात्मक माध्यमों से साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देने की रायगढ़ पुलिस की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल स्वयं साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने तक सीमित न रहकर उन्हें “साइबर जागरूकता के दूत” के रूप में तैयार करना आवश्यक है,ताकि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल ने कार्यक्रम में साइबर जागृति अभियान तथा तकनीक आधारित जनजागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग यदि जागरूकता और जनहित के लिए किया जाए तो यह समाज को सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। रायगढ़ पुलिस द्वारा युवाओं की प्रतिभा को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़ना इस दिशा में एक सार्थक पहल है।कार्यक्रम में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने “साइबर जागृति अभियान” एवं लघु फिल्म प्रतियोगिता की जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध हमारे सामने एक नई चुनौती के रूप में उभर रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया गया। अभियान के सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न माध्यमों से लगभग 2 लाख लोगों को साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि इसी अभियान के अंतर्गत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़”थीम के साथ लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई,जिसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के संदेश को युवाओं की रचनात्मकता के माध्यम से समाज तक पहुंचाना था।साइबर जागरूकता अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर अपराधों के नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार की गई एक विशेष साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म *“The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। फिल्म The Cyber Trap” लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है,बल्कि आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।
इस जागरूकता फिल्म में मुख्य किरदार के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह,अनिल सोनी,मयंक मिश्रा,उत्तम प्रताप सिंह,राकेश मिश्रा,उत्कर्ष श्रीवास्तव,सानिया गुप्ता,लीना ठाकुर,दिपेश महंत,हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी नजर आयेंगे । फिल्म की कहानी एवं निर्देशन श्री ऋभू समर्थ सिंह द्वारा किया गया है एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता को देशभर से अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया,वहीं रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा तथा प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।प्रतियोगिता के निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण एवं कला के क्षेत्र से जुड़े अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म “भूलन: द मेज़” के निर्देशक श्री मनोज वर्मा, देश-विदेश में अपने फिल्मी कार्यों के लिए पहचान बना चुके श्री योगेंद्र चौबे तथा अनुभवी रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक श्री सुनील चिपड़े शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने बताया कि प्रतियोगिता में प्राप्त फिल्में गुणवत्ता और रचनात्मकता की दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली थीं। दोनों श्रेणियों में शीर्ष तीन फिल्मों का चयन बेहद कठिन रहा और कई प्रविष्टियों के बीच अंतर बहुत कम था प्रतियोगिता की श्रेणी “अ” (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म “दूसर छोर”ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। होमेन्द्र कुमार की फिल्म “जरूरत” द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म “गुपचुप ठेला” तृतीय स्थान पर रही। वहीं श्रेणी “ब” (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म एक्सेस लिंक” प्रथम,तुषार सोलंकी की फिल्म “Dial 1930” द्वितीय तथा समीर चन्द्रा की फिल्म “Golden Hour” तृतीय स्थान पर रही।

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