रायगढ़ के ऐतिहासिक जन्माष्टमी मेले में शुक्रवार को आस्था के साथ सेवा की ऐसी मिसाल देखने को मिली,जिसने शहर की सामाजिक सरोकारों की समृद्ध परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।इतवारी बाजार के समीप महमिया प्लाईवुड परिसर मे समाजसेवियों द्वारा लगाया गया विशाल निशुल्क भोजन वितरण शिविर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए यहां लजीज व्यंजनों से सजे भंडारे की व्यवस्था की गई है,जो देर रात भगवान कृष्ण के जन्म तक जारी रहेगा।
इस भव्य निशुल्क भोजन वितरण शिविर का शुभारंभ रायगढ़ विधायक एवं छग सरकार मे वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया। पूजा के बाद जैसे ही प्रसाद वितरण शुरू हुआ,पूरा परिसर ‘हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की’के जयघोष से गूंज उठा।ओपी चौधरी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और भगवान श्रीकृष्ण से रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सुख,समृद्धि और विकास की कामना की।
दस वर्षों से नहीं टूटी सेवा की यह कड़ी
जन्माष्टमी मेले में लगाया जाने वाला यह निशुल्क भोजन वितरण शिविर कोई एक दिन का आयोजन नहीं,बल्कि पिछले दस वर्षों से अनवरत चली आ रही सेवा परंपरा है।हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट एवं विविध व्यंजनों की व्यवस्था की गई है।मेले में आने वाले श्रद्धालु यहां पहुंचकर भोजन एवं प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।आयोजन स्थल पर भोजन वितरण के लिए समाजसेवियों और स्वयंसेवकों की बड़ी टीम जुटी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्थित तरीके से भोजन एवं प्रसाद का वितरण किया गया।
सामाजिक संस्थाओं और अग्रवाल समाज की सामूहिक पहल
इस सेवा कार्य में फ्रेंड्स फाउंडेशन, रायगढ़ राइडर्स,अंतरंग सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।आयोजन को सफल बनाने में अग्रवाल समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। जिसमे प्रमुख रूप से बजरंग अग्रवाल साधूराम, पूनम चंद महमिया,त्रिलोक महमिया,संतोष अग्रवाल ‘सत्तू सेठ’,अनिल अग्रवाल बाराद्वार, सुभाष तुलसी,प्रकाश मूंदड़ा,रामजीलाल अग्रवाल,अनूप बंसल,सुदीप मोड़ा,सूर्यकांत ‘डब्बू’, पंकज अग्रवाल,विनोद आशीर्वाद, सजन अग्रवाल,शिव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘रायगढ़ की पहचान सेवा और सद्भाव से’
शिविर का शुभारंभ करने पहुंचे ओपी चौधरी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रायगढ़ की पहचान केवल अपनी कला और संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि सेवा,सामाजिक सहभागिता और आपसी भाईचारे की भावना के लिए भी है।जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था इस सामाजिक परंपरा को और मजबूत करती है।उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ सेवा की भावना को भी आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी समाजसेवियों और संस्थाओं के पहल की सराहना की।
मांगलिक आयोजनों मे आमजनों के बीच पहुंचते हैं ओपी
रायगढ़ विधायक बनने के बाद ओपी चौधरी शहर के विभिन्न धार्मिक,सामाजिक एवं मांगलिक आयोजनों में पहुंचकर आमजनों का उत्साह बढ़ाते रहे हैं। जन्माष्टमी के इस आयोजन में भी उनकी मौजूदगी से आयोजकों एवं श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया।आयोजकों ने भगवान श्रीकृष्ण से कामना की,कि रायगढ़ में सेवा,सद्भाव और सामाजिक सहभागिता की यह परंपरा इसी तरह निरंतर आगे बढ़ती रहे।साथ ही शहर और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि की ओर अग्रसर हो।
भक्ति के बीच सेवा का स्वाद
जन्माष्टमी मेले में जहां चारों ओर कृष्ण भक्ति का रंग दिखाई दे रहा था,वहीं निशुल्क भोजन वितरण शिविर ने इस भक्ति को सेवा का रूप दे दिया।श्रद्धालुओं के लिए भोजन परोसते समाजसेवी और प्रसाद ग्रहण करते लोगों की कतारें रायगढ़ की उस परंपरा की तस्वीर पेश कर रही थीं,जिसमें उत्सव केवल अपने लिए नहीं,बल्कि दूसरों के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी है।श्रीकृष्ण जन्म की रात तक चलने वाला यह भंडारा एक बार फिर संदेश दे रहा है— सेठ किरोड़ीमल की कला और संस्कृति की नगरी रायगढ़ में उत्सव की पहचान सिर्फ उमंग नहीं,सेवा भी है।


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